Motivational Poem in Hindi: ज़िंदगी की जंग जीतने वाली कविता

“थोड़ा और चलो”
(A self-motivation poem in Hindi about never giving up)

जब थक जाओ, रुकना मत — थोड़ा और चलो,
मुश्किलें हों चाहे जितनी — सूरज बनकर जलो।

काँटे भी होंगे राहों में — ख्वाबों से डरना मत,
गिर जाओ अगर तो भी — खुद से शर्माना मत।

मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं — जिनमें हौसला होता है,
हर अंधेरी रात के बाद — एक सवेरा होता है।

कोई और नहीं बनाएगा — वो सपना जो तुझमें पलता है,
खुद को साबित करने का — यही तो असली मौका है।

रुकावटें तुझे रोकेंगी — तू बस रुकना मत,
थक जाए अगर ये दुनिया — तू झुकना मत।

हालात चाहे जैसे हों — तू जंग लड़ता चल,
औरों को बदलने से पहले — खुद से भिड़ता चल।

चल पड़े हो जो रास्ते पर — अब मुड़ना नहीं,
जीत बस कुछ दूर है — अब रुकना नहीं।

जब थक जाओ, रुकना मत — थोड़ा और चलो…


इस कविता का सार (The Essence of This Life Kavita in Hindi)

यह hindi kavita on life उन सभी के लिए है जो ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं—बिना किसी सहारे, बिना किसी गारंटी के, सिर्फ़ अपने हौसले के भरोसे।

यह कविता एक self motivation poem in Hindi है जो आपको याद दिलाती है कि थक जाना मंज़िल से दूर नहीं करता, रुक जाना करता है।


जीवन संघर्ष की प्रेरणादायक कविताएँ (Life Struggle Inspirational Poems in Hindi)

कविता का उपयोग तब करें जब:

  • मन निराश हो

  • संघर्ष भारी लगे

  • हार जीत से बड़ी लगे

तभी तो ये लाइनें आपको फिर से ज़िंदा कर सकती हैं:

“रुकावटें तुझे रोकेंगी — तू बस रुकना मत…


अंतिम शब्द (Final Words by Sourav Mahajan)

कभी-कभी शब्द वो कर जाते हैं जो हज़ार सलाह नहीं कर पाती।

अगर यह कविता आपके दिल को छू गई — तो इसे अपने नोटबुक में लिखो, अपनी दीवार पर चिपकाओ, और सबसे ज़रूरी — इसे जीओ।

क्योंकि संघर्ष जितना गहरा होगा, जीत उतनी ऊँची होगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
1
Hello 👋
Can we help you?